माघ मेला में भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन करेगा अखिल भारतीय सँयुक्त धर्माचार्य मंच

प्रयागराज। आगामी 16 जनवरी से अखिल भारतीय सँयुक्त धर्माचार्य मंच प्रयागराज के माघ मेले में भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन करेगा।
जब से प्रयागराज मेला प्राधिकरण बना है प्रयागराज का माघ मेला भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। साधु संत प्रताडित हो रहे हैं। आज तक कभी माघ मेला में मूलभूत सुविधा नल विद्दुत शौचालय मे कटौती नही की गई। लेकिन इस बार माघ मेले मे हो रही है।
साधु संतों से कहा जा रहा है कि अपने शिविर में एमसीबी लगवाइये वर्ना बिजली कनेक्शन काट दिया जायेगा। यह इसलिए क्योंकि माघ मेला प्रशासन बिजली से होने वाले कांड की जिम्मेदारी लेना नही चाहता है।
अनेक तथाकथित धार्मिक ठेकेदार संस्थायें जिनका मुख्य काम दलाली करना है अपने लिये सुविधा ले कर बैठ गयीं हैं। और साधु संत माघ मेला कार्यालय पर मारे-मारे फिर रहे हैं।
साधु संत तीर्थ पुरोहित त्रस्त हैं। माघ मेला में साधु संतों के शिविर के लिये जगह नही है क्योंकि तमाम सरकारी विभागों ने जरूरत से ज्यादा जमीन ले ली है। माघ मेला अब सरकारी विभागों के लिये पिकनिक स्पाट बन गया है। माघ मेला की सुरक्षा का हाल यह है कि माघ मेला 2020 का इन्श्योरेंस भी नही है।

वाहन प्रतिबंध के नाम पर माघ मेला पुलिस संतों, कल्पवासियों और तीर्थ यात्रियों का उत्पीडन कर रही
माघ मेला का अधिकांश बजट सरकारी विभागों के कार्यालयों, अफसरों की संस्थाओं और वीआईपी कैंप को सजाने मे जा रहा है। साधु संत तो बदनाम हो रहे हैं। इन्ही सब अव्यवस्थाओं के विरुद्ध अखिल भारतीय सँयुक्त धर्माचार्य मंच आगामी 16 तारीख से इलाहाबाद के माघ मेला में आंदोलन करेगा । अखिल भारतीय सँयुक्त धर्माचार्य मंच का यह आंदोलन न तो उ०प्र०के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ है और न ही प्रदेश की सरकार के खिलाफ है । यह आंदोलन मात्र भ्रष्ट अफसरशाही और प्रयागराज मेला प्राधिकरण में भ्रष्टाचार के खिलाफ है।


