प्रयागराज। उड़ीसा के गजपति जनपदान्तर्गत कामधेनु में आयोजित धर्म सभा में पधारने पर श्री काशी सुमेरु पीठाधीश्वर यति सम्राट अनन्त श्री विभूषित पूज्य जगद्गुरू शंकराचार्य स्वामी नरेन्द्रानन्द सरस्वती जी महाराज का सनातन धर्मावलंबी श्रद्धालुओं ने भव्य स्वागत कर पूरे विधि विधान से पूजन किया।

पूज्य शंकराचार्य जी महाराज के कामधेनु में पधारने के कारण अपने सनातन धर्म के सर्वोच्च धर्मगुरू के दर्शन एवम् उनका मार्गदर्शन प्राप्त करने के लिए सनातन धर्मावलंबी श्रद्धालुओं एवम् भक्तों का जन समुद्र उबड़ पड़ा था।

वास्तव में यही जंगलों एवम् पहाड़ों में निवास करने वाले गिरिवासी, वनवासी सनातन धर्म और राष्ट्र के सच्चे योद्धा हैं। सनातन धर्म के धर्माचार्यों का कर्तव्य था कि इनके बीच में जाते और इनका मार्गदर्शन करते, परन्तु दुर्भाग्य से आदि शंकराचार्य भगवान द्वारा एक पीठ उड़ीसा में स्थापित करने के बाद भी ये जंगल, पहाड़ों के वासी उपेक्षित रहे, जिसके कारण इसाई मिशनरियों को धर्मान्तरण का खेल खेलने के लिए खुला मैदान मिल गया।
पूज्य शंकराचार्य जी महाराज के पावन उपस्थिति में सबने सनातन धर्म के प्रति दृढ़ रहने और सनातन धर्म में ही जीने मरने की सौगन्ध ली।



