सामाजिक दूरी को ध्यान रखकर भारत रत्न बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी की 129 वीं जयंती मनाई गई
प्रयागराज। आज इलाहाबाद की सांसद प्रोफेसर रीता बहुगुणा जोशी ने सामाजिक दूरी का अनुपालन करते हुए अपने निवास पर बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी के चित्र पर माल्यार्पण किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा भारत रत्न बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी की जयंती पर करोड़ों देशवासियों सहित उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं और शत शत नमन करती हूं। प्रोफेसर जोशी ने कहा कि बाबा साहब ने केवल हमारा संविधान नहीं बनाया उसके रचयिता ही नहीं थे बल्कि उन्होंने स्वतंत्र भारत की नियुक्ति रखी जाएगी स्वतंत्र भारत का निर्माण कैसे किया जाएगा इसके बारे में गहराई से सोचा था।
बाबा साहब ने स्वतंत्र भारत की दिशा क्या होगी इसे उन्होंने संविधान बनाकर भारत को दिया था। प्रोफेसर जोशी ने कहा कि बाबा साहब एक भारतीय न्यायविद्ध अर्थशास्त्री राजनीतिज्ञ और समाज सुधारक थे जिन्होंने दलित बौद्ध आंदोलन को प्रेरित किया और उनके खिलाफ अभियान चलाया।उन्होंने दलितों के खिलाफ सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध अभियान चलाया था। श्रमिकों किसानों महिलाओं के अधिकारों का समर्थन भी किया था।
वह स्वतंत्र भारत के प्रथम विधि एवं न्याय मंत्री भारतीय संविधान के जनक एवं भारत गणराज्य के निर्माता थे उनका राष्ट्रवाद बहुत व्यापक था। प्रोफेसर जोशी ने कहा कि मैं उनकी एक बात से बहुत प्रभावित हूं भारत रत्न बाबा साहब भीमराव अंबेडकर राष्ट्रवादी थे। उनका कहना था मुझे यह अच्छा नहीं लगता जब कुछ लोग कहते हैं कि हम पहले भारतीय हैं और बाद में हिंदू या मुसलमान।
मुझे यह स्वीकार नहीं। धर्म संस्कृति भाषा तथा राज्य के प्रति निष्ठा से ऊपर है भारतीय होने की निष्ठा। मैं चाहता हूं कि लोग पहले भारतीय हों और अंत तक भारतीय रहें भारतीय के अलावा कुछ नहीं। इस अवसर पर प्रमुख रूप से सांसद के जनसंपर्क प्रभारी संत प्रसाद पांडेय अभिषेक शुक्ला राजेश सोनकर आप्दी इलाहाबादी उषा रानी विजय बहादुर सिंह सुनील दास मानस शर्मा बाबा ओझा मनु कक्कड़ जयप्रकाश अजय राजू सुनील रावत आदि लोग उपस्थित रहे
