सूर्य ग्रहण के प्रभाव का करेंगे अध्ययन, इविवि समेत चार शैक्षिक संस्थान मिलकर करेंगे शोध

प्रयागराज ( अनुराग दर्शन समाचार ) । खगोलीय घटना सूर्यग्रहण के दौरान होने वाले विकिरण का प्रभाव मौसम से लेकर पृथ्वी की सतह तक एवं मानव शरीर पर भी पड़ता है।
सूर्यग्रहण का मानव मस्तिष्क पर क्या प्रभाव पड़ता है, इस पर अब तक कोई निर्णायक वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने तीन अन्य संस्थानों के साथ मिलकर इस दिशा में शोध करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। इस शोध में फंक्शनल एमआरआई ।(एफएमआरआई) तकनीक का प्रयोग किया जाएगा। इस तकनीक के द्वारा सूर्यग्रहण के दौरान मानव मस्तिष्क में होने वाली प्रक्रियाओं और उसमें होने वाले बदलावों को समझा जा सकेगा।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के व्यावहारिक एवं संज्ञानात्मक विज्ञान केन्द्र (सीबीसीएस) और अमेरिका का औबर्न विश्वविद्यालय, भारत के राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थय और स्नायु विज्ञान संस्थान बंगलुरू, सिम्बायोसिस अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय पुणे के वैज्ञानिक इस सामूहिक शोध अध्ययन का हिस्सा बनने जा रहे हैं। वे सूर्य ग्रहण के मानव मस्तिष्क की क्रियाओं पर पडने वाले प्रभाव को समझने का प्रयास करेंगे। यह शोध आगामी 21 जून को सूर्य ग्रहण के दिन, इविवि के सीबीसीएस की राष्ट्रीय न्यूरोइमेजिंग फैसिलिटी में किया जाएगा। यह शोध सीबीसीएस की विभागाध्यक्ष प्रो. भूमिका कर एवं संस्थान में पोस्ट डॉक्टोरल फैलो डॉ. अमरेन्द्र सिंह के द्वारा किया जाएगा।




