CWC के बहाने इन पांच नामों के जरिए UP के जातिगत समीकरण साधने की कोशिश में कांग्रेस!

इलाहाबाद। कांग्रेस की वर्किंग कमेटी पर गौर करें तो सोनिया गांधी और राहुल गांधी के अलावा उत्तर प्रदेश 5 और नाम हैं. इन पांच नामों के जरिए कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश के जातिगत समीकरणों को साधने की कोशिश की है.

कांग्रेस की वर्किंग कमेटी पर गौर करें तो सोनिया गांधी और राहुल गांधी के अलावा उत्तर प्रदेश 5 और नाम हैं. इन पांच नामों के जरिए कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश के जातिगत समीकरणों को साधने की कोशिश की है. इनमें पीएल पुनिया, आरपीएन सिंह और पूर्व विधायक अनुग्रह नारायण सिंह अलग-अलग प्रदेशों के प्रभारी हैं और तकनीकी रूप से वर्किंग कमेटी में स्थाई आमंत्रित सदस्य बनाए गए हैं. वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद और यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष केशव चंद्र यादव विशेष आमंत्रित सदस्य बनाए गए हैं.
बता दें पीएल पुनिया जहां छत्तीसगढ़ के प्रभारी हैं, वहीं आरपीएन सिंह झांरखंड और अनुग्रह नारायण सिंह उत्तराखंड में कांग्रेस के प्रभारी हैं. माना जा रहा है कि लोकसभा चुनाव चुनाव में जुटी कांग्रेस अपर कास्ट वोटरों को वापस जोड़ने की जुगत में है. उत्तर प्रदेश में करीब 15 ब्राह्मण वोट बैंक है, ऐसे में कांग्रेस ने जितिन प्रसाद के रूप में अपनी भविष्य की रणनीति जाहिर की है. साथ ही पार्टी ने साफ कर दिया है कि वह युवा चेहरे के साथ आगे बढ़ेगी.
वैसे गठबंधन की बात करें तो बसपा सूत्रों के अनुसार भी कांग्रेस पार्टी बीजेपी के खिलाफ अपर कास्ट वोट बैंक पर अच्छी काट कर सकती है. दिलचस्प ये है कि कांग्रेस ने अपरकास्ट के साथ ही दलित और ओबीसी वर्ग को वर्किंग कमेटी में जगह देकर साफ कर दिया है कि वह क्षेत्रीय दलों की रणनीति का समावेश भी अपनी चुनाव तैयारियों में कर रही है.


