रेप पीडि़ता को कोर्ट में पेश करने का आदेश

प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। हाईकोर्ट ने फूलपुर की रेप पीडि़ता को 21 अक्तूबर को अदालत में पेश करने का आदेश दिया है।
एसएसपी, एसएचओ फूलपुर व पूर्व थाना प्रभारी भी रहें उपस्थित
कोर्ट ने एसएसपी सर्वश्रेष्ठ त्रिपाठी व एसएचओ फूलपुर राकेश चौरसिया और पूर्व थाना प्रभारी बृजेश कुमार को भी उस दौरान उपस्थित रहने का निर्देश दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति शशिकांत गुप्ता एवं न्यायमूर्ति पंकज भाटिया की खंडपीठ ने दिया है। एसएसपी और एचएचओ फूलपुर कोर्ट के आदेश पर मंगलवार को उपस्थित थे।
सुनवाई के दौरान एसएसपी की ओर से हलफनामा दाखिल कर मामले की प्रगति की जानकारी दी गई। पीडि़ता की मां ने कोर्ट में अर्जी देकर कहा है कि पुलिस ने 16 अक्टूबर से पीडि़ता को थाने में ही रखा हुआ है और परिवार के लोगों को उससे मिलने की इजाजत नहीं दी जा रही है। इस पर कोर्ट ने पीडि़ता को 21 अक्टूबर को पेश करने का निर्देश दिया है।
इससे पूर्व कोर्ट ने 15 अक्टूबर के आदेश में लापरवाह पुलिस की जवाबदेही तय करने के लिए एसएसपी प्रयागराज व थाना प्रभारी फूलपुर को तलब किया था। कोर्ट ने रेप के इस मामले में तीन माह के विलंब से वह भी अदालत के हस्तक्षेप के बाद प्राथमिकी दर्ज करने और पीडि़ता का बयान लेने व मेडिकल जांच कराने पर नाराजगी जताई है। पीडि़ता व याची फूलपुर थाने पर 11 जुलाई 2020 को शिकायत लेकर गई थी लेकिन पुलिस ने उसे भगा दिया था। 22 जुलाई को उसने एसएसपी से शिकायत की। एसएसपी के आदेश के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। 30 जुलाई तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई तो पीडि़ता ने हाईकोर्ट की शरण ली।
कोर्ट ने इसे गम्भीरता से लेते हुए जानकारी मांगी तो 14 अक्तूबर को बताया गया कि एसएसपी ने 23 जुलाई की पीडि़ता की अर्जी फूलपुर थाने भेज दी थी और एफआईआर 13 अक्टूबर को दर्ज की गई है। पीडि़ता के बयान व मेडिको लीगल जांच की गई है।



