मदरसों में रोजगारपरक शिक्षा की तैयारी, सूबे के मदरसों का 21 बिन्दुओं पर मांगा ब्यौरा

( अनुराग शुक्ला ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार)। मदरसों में पढऩे वाले छात्र-छात्राएं अच्छी नौकरी पा सकें या स्वरोजगार कर सकें, इसके लिए मदरसों के पाठ्यक्रम में बदलाव की तैयारी चल रही है। मदरसों के सेलेबस को रोजगारपरक बनाने की तैयारी चल रही है। केन्द्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने प्रदेश में संचालित सभी मदरसों का 21 बिन्दुओं पर विवरण मंगाया है।
उत्तर प्रदेश मदरसा परिषद के रजिस्ट्रार आरपी सिंह ने बताया कि मदरसों की शिक्षा गुणवत्ता को सुधारने के प्रयास किये जा रहे हैं। अभी तक अंग्रेजी, विज्ञान और गणित जैसे विषयों की पढ़ाई मदरसों में शुरू की जा सकी है। पाठ्यक्रम को रोजगारपरक बनाना होगा। अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, भारत सरकार की संयुक्त सचिव निगार फातिमा हुसैन ने मदरसों से जुड़ी जानकारी मांगी है।
अल्पसंख्यक विभाग को मदरसों में छात्र-छात्राओं की संख्या, शिक्षकों की योग्यता, मदरसे की मान्यता, यू डायस कोड, भवन, इंटरनेट, लाइब्रेरी, लैब, खेल गतिविधि, शौचालय, बिजली, पानी, किस क्लास में बच्चे क्या पढ़ रहे हैं आदि से जुड़ी 21 बिन्दुओं पर जानकारी मांगी गई है। प्रदेश भर में 5500 मान्यता प्राप्त एवं 560 अनुदानित मदरसे में हैं। वहीं प्रयागराज में 43 अनुदानित मदरसे एवं 220 मान्यता प्राप्त मदरसे संचालित हो रहे हैं।




