प्रश्न पत्रों के रिपीट करने के मामले में खुद को बचाने के लिए पीएनबी सचिव कर रहे हैं लीपापोती
69000 पेपर लीक मामले में भी यही पीएनपी सचिव थे जिम्मेदार
प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार ) ।टीईटी 2022 में 2017 व अन्य सत्रों के प्रश्न पत्रों के रिपीट करने के मामले में पीएनपी सचिव द्वारा इसे सामान्य परिघटना बता कर धांधली के इस पूरे मामले में लीपापोती कर पर्दा डालने की कोशिश पर युवा मंच ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। युवा मंच अध्यक्ष अनिल सिंह ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले को संज्ञान में लेकर निष्पक्ष जांच कराने और पीएनपी सचिव समेत अन्य अधिकारियों पर कार्यवाही करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि 10-15 फीसद तक प्रश्न रिपीट होना सामान्य परिघटना माना जा सकता है लेकिन 70% से ज्यादा प्रश्न की एक ही सत्र के पुराने पेपर से हूबहू नकल करना धांधली का बड़ा मामला है। अगर इस मामले की निष्पक्ष जांच हो जाये तो पेपर लीक से भी बड़ी धांधली का मामला उजागर हो गा और इसमें प्रत्यक्ष भूमिका मौजूदा पीएनपी सचिव व अन्य अधिकारियों की हो सकती है क्योंकि इनकी मिलीभगत के बिना ऐसा मुमकिन नहीं है। आरोप लगाया कि कोई भी विशेषज्ञ इस तरह 70 फीसद से ज्यादा हूबहू प्रश्न की पूर्व के एक ही पेपर की कापी नहीं कर सकता है। इसके लिए बहुत बड़ा सौदा शिक्षा माफिया के माध्यम से हुआ है लेकिन मुख्यमंत्री इन अधिकारियों पर कार्यवाही के बजाय बधाई दे रहे हैं ऐसे मुख्यमंत्री से इन दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही की कतई उम्मीद नहीं है। कहा कि 69000 शिक्षक भर्ती पेपर लीक में भी मौजूदा सचिव उस वक्त भी सचिव थे, लेकिन पेपर लीक व वायरल होने के मामले से इंकार करते रहे, मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाने के बाद भी उन्होंने कोई कार्यवाही नहीं की। यही वजह है कि इस तरह के कारनामों में लगे नकल माफियाओं व अधिकारियों के हौसले बुलंद हैं लेकिन प्रदेश का युवा पारदर्शी चयन प्रक्रिया के लिए जारी संघर्ष को अंजाम तक पंहुचाने के लिए संकल्प ले चुका है और इन नकल माफियाओं को संरक्षण देने वाली योगी सरकार व भाजपा को चुनावों में इसकी बड़ी कीमत अदा करनी पड़ेगी।




