हजारों कार सेवकों के रक्त का परिणाम भगवान श्री राम का भव्य मंदिर निर्माण की सभी बाधाएं दूर हुई- विहिप
प्रयागराज। विश्व हिंदू परिषद शिविर परेड ग्राउंड में बजरंग दल काशी प्रांत पदाधिकारियों का दो दिवसीय सम्मेलन आज शाम 4:00 बजे से प्रारंभ हुआ ।

उद्घाटन सत्र में बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक सोहन सिंह सोलंकी ने भारत माता के प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित कर सम्मेलन की औपचारिक शुरुआत की कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय संयोजक जी ने कहा कि बजरंग दल की स्थापना 1984 में श्री राम जन्मभूमि आंदोलन के रामजानकी यात्रा की सुरक्षा को लेकर हुई थी ।
जब उत्तर प्रदेश की सरकार ने रामजानकी यात्रा की सुरक्षा को लेकर इनकार किया और राष्ट्र विरोधियों ने ना निकालने की चेतावनी दी उस समय राम भक्त युवाओं ने यात्रा की सुरक्षा की जिम्मेदारी ली और यह संकल्प लिया था कि जिस प्रकार से भगवान श्री राम के कार्य में बजरंगबली ने बिना विश्राम के सहायता की हम उनको अपना आदर्श मानते हुए उनका अनुसरण कर इस यात्रा की सुरक्षा करेंगे और वह यात्रा सकुशल निकली उसमें कार्यकर्ताओं का कोई हित नहीं था ।

एक लगन थी उसी का परिणाम, हजारों कार्य सेवकों के रक्त का परिणाम है कि भगवान श्री राम की जन्म स्थली पर उनके भव्य मंदिर निर्माण की सारी बाधाएं समाप्त हुई, जब 1995 में कश्मीर के कुछ राष्ट्र विरोधियों ने बाबा बूढ़ा अमरनाथ के दर्शन पर रोक लगाने की धमकी दी ।
तब बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने लाखों की संख्या में वहां पहुंच कर अनेकों वर्षों से हो रही यात्रा को अनवरत रखा और कश्मीर से हिंदू पलायन कम हुआ अब हमारा लक्ष्य होना चाहिए कश्मीर से पलायन हिंदुओं की पुनर्स्थापना हो, सूर्योदय के समय लाखो गौमाता के रक्त से धरती माता लाल हो जाती हैं उनकी रक्षा के लिए अनेक यात्राएं और सुरक्षा चौकी लगाकर गौ हत्यारों को पकड़कर गौ माता की रक्षा की है गौ संरक्षण के लिए अनेकों जागरण कार्यक्रम बजरंग दल द्वारा किए गए हैं।
आज के वर्तमान परिवेश में हिंदू समाज के सामने लव जिहाद और लैंड जिहाद की गंभीर समस्या है जो हिंदू समाज के सामने बड़ी चुनौती है लव जिहाद के नाम पर यह हिंदू विरोधी तत्व हिंदू समाज की हमारी भोली भाली बहनों को प्रेम के नाम पर बहला-फुसलाकर उनसे शादी कर हमारी जनसंख्या को कम कर और अपनी जनसंख्या को बढ़ाकर इस राष्ट्र में हिंदू समाज को अल्पसंख्यक बनाने का उनका लक्ष्य है इसको रोकना ही नहीं बल्कि अपने समाज से दूर हुए बहनों को अपने समाज में लाकर उनकी इस कोशिश को नाकाम करना है।
बजरंग दल का कार्य केवल आंदोलन ही नहीं बल्कि हिंदू समाज में सेवा सुरक्षा एवं संस्कार की भावना को प्रदर्शित करना स्वामी विवेकानंद, गुरु गोविंद सिंह और महाराणा प्रताप के आदर्श पर चलते हुए हम नशा मुक्त रहकर हिंदू समाज की संस्कृति की रक्षा के लिए अपनी मान्यता, परंपरा की रक्षा के लिए अपने धार्मिक स्थल एवं धार्मिक यात्राओं जो आवश्यक हो वह कार्य हमें समाज में करना चाहिए।
हम अपने पूर्वजों के संकल्प एवं ईश्वरीय कार्य में अपने पूर्व जन्मों के कर्मों के आधार पर काम कर रहे हैं यह हमारा सौभाग्य है और हमें बजरंगबली के आदर्शों पर कार्य करना चाहिए काशी प्रांत के 19 जिलों से 700 से अधिक बजरंग दल पदाधिकारी शिविर में दो दिवसीय सम्मेलन के लिए उपस्थित हैं ।
कार्यक्रम का संचालन प्रांत सह संयोजक आनंद ने किया कार्यक्रम में प्रमुख रुप से विश्व हिंदू परिषद के प्रांत उपाध्यक्ष विमल प्रकाश, प्रांत सह मंत्री महेश, प्रांत संयोजक सत्य प्रताप, दुर्गेश सिंह, विवेक जायसवाल, पवन पांडे, आनंद शुक्ला, अभिमन्यु शाही, अविनाश सिंह, धीरेंद्र कुशवाहा, विजय पांडे, अर्जुन मौर्य, विपिन आदि उपस्थित रहे!




