धुना तपस्या करते संत-महात्मा

(अनुराग शुक्ला ) प्रयागराज (अनुराग दर्शन समाचार )। अखिल भारतीय श्री पंच तेरह भाई त्यागी अयोध्या के 1008 श्रीमहंत रामसंतोष दास का कहना है कि यह तपस्या सात चरणों में पूरी होती है। इसमें प्रतिदिन कम से कम पांच घंटे से लेकर 12 घंटे तक संत महात्मा अपने आसपास, गोद में, सिर के ऊपर और आसपास धुना सुलगा कर तपस्या करते हैं। मेला क्षेत्र में तपस्वी संतों की संख्या लगभग 500 है। जो तपस्वी नगर में कल्पवास कर रहे हैं। उनकी धुना तपस्या बसंत पंचमी से शुरू होकर गंगा दशहरा तक चलती है। उन्होंने बताया कि इस तपस्या के लिए संत-महात्मा की उम्र का कोई बंधन नहीं होता है। चाहे वह किसी भी उम्र का हो। महंत रामदास त्यागी टाटाम्बरी बाबा उत्तराधिकारी महंत धु्रवदास त्यागी का कहना है कि यह उनकी सनातन परम्परा रही है। जिसको आज के आधुनिक युग में भी पहले की तरह धुना तपस्या हम लोग करते हैं।




